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सांवरिया सेठ की तर्ज पर दुधाखेड़ी माताजी मंदिर पर अब मिलेगा लड्डू का प्रसाद

सांवरिया सेठ की तर्ज पर दुधाखेड़ी माताजी मंदिर पर अब मिलेगा लड्डू का प्रसाद


गरोठ। लाखों करोड़ों की धार्मिक भावना का केंद्र विश्व विख्यात आरोग्य स्थल केसर मैया मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर की गौरवशाली उपलब्धि में एक और कड़ी जुड़ने वाली है। राजस्थान के प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडफिया की तर्ज पर अब अति शीघ्र मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर पर भी 100 ग्राम एवं 200 ग्राम लड्डू प्रसाद के रूप में सशुल्क उपलब्ध रहेंगे। लड्डू भी ऐसा कि जो शुद्ध देशी घी से निर्मित किया जाएगा। लड्डू में बेसन, शक्कर, खोपरा बुरा, दाख, काजू, इलायची दूध, दही, छाछ, जायफल, जावित्री आदि का सम्मिश्रण रहेगा। शुद्ध देशी घी से बनाए गए लड्डू का सर्वप्रथम भोग श्री सांवरिया मंदिर कृष्ण जी को चढ़ाया जाएगा। उसके पश्चात अति शीघ्र मां केशर मैया दुधाखेड़ी माताजी को भोग लगाकर लड्डू काउंटर प्रसादी सशुल्क वितरित की जाएगी। जिसमें 100 गाम लड्डू का न्यूनतम मूल्य ₹30 रुपए, 200 ग्राम लड्डू का शुल्क ₹55रुपय रखा जाएगा। इसके पश्चात भी लड्डुओं के भाव में बढोतरी   कमी मंदिर प्रबंध समिति के निर्णय के बाद हो सकती है ।

उल्लेखनीय है कि मां दुधाखेड़ी माताजी के एक अनन्य एवं सेवाभावी भक्त सागर पिता मथुरा लाल पाटीदार निवासी परोनिया तहसील भानपुरा ने एक अनुनय विनय पत्र सजग एसडीएम आरपी वर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया जिसमें निवेदन किया था कि मां दुधाखेड़ी मंदिर पर भी प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर की तर्ज पर लड्डू प्रसादी  वितरण काउंटर प्रारंभ किया जाए। जिस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम आर पी वर्मा ने निर्णय लिया। आवेदन पत्र पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर मंदिर प्रबंध समिति को लड्डू बनाए जाने और आगे की कार्रवाई हेतु तहसीलदार भानपुरा राकेश यादव  को निर्देशित कर तुरंत मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर पर मौका मुआयना कर काउंटर स्थान चिन्हित कर तमाम सुविधाएं जुटाने हेतु निर्देशित किया गया।मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर  के के विकास के लिए एसडीएम आर पी वर्मा व तहसीलदार राकेश यादव सदैव तत्पर रहते हैं। इसी कड़ी में अभी कुछ दिन पूर्व सर्दी के मौसम में बाहर से आए श्रद्धालुओं के रहने के लिए रात को ऊनी वस्त्र और कंबल के लिए शुल्क ₹200 काउंटर की व्यवस्था भी की गई ताकि सर्दी के मौसम में श्रद्धालुओं और मरीजों को कोई परेशानी ना हो  पाए।

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