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शादियों के 12 शुभ मुहूर्त, फिर नवंबर में ही बजेगी शहनाई, कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी

-20 जुलाई से लग जाएगा शादियों पर विराम, 15 नवंबर को देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य -2020 के बाद 2021 में भी ठप हुए शादियों से संबंधित व्यापार, कारोबारियों ने की शादियों को आदेशों से बंधन मुक्त करने की मांग

शादियों के 12 शुभ मुहूर्त, फिर नवंबर में ही बजेगी शहनाई, कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी


 कोरोना के संकट के बीच जहां बीते साल कई लोगों को अपनी शादी टालना पड़ी थी, वही हालात 2021 में भी बन गए। ऐसे में अब इस सीजन में शादी करने का बहुत की कम समय लोगों के पास बचा है। इस सीजन में शादियों के केवल 12 शुभ मुहूर्त ही बाकी रह गए हैं। इसके बाद 15 नवंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि 16 जून से 20 जुलाई तक हिंदू धर्म में केवल 12 विवाह मुहूर्त ही बाकी रह गए हैं। जिसके बाद 15 नवंबर को देव उठनी एकादशी से ही मांगलिक कार्य शुरू होंगे। मुहूर्त कम बचे हैं, इस बात की चिंता जितनी विवाह योग्य युवक-युवती के माता पिता को है, उससे अधिक विवाह से जुड़े विभिन्न व्यापारियों को है।

कोरोना के कारण बीते साल 2020 के बाद 2021 में भी विवाह से संबंधित कारोबारियों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। टेंट, मैरिज गार्डन, क्राकरी, हलवाई, पटाखे, लाइट, बारात बैंड आदि कारोबारियों में अब बचैनी बढ़ने लगी है। व्यापारियों की मांग है कि शादियों में महमानों की संख्या बढ़ाई जाए या आदेशमुक्त की जाए। जिसे लेकर व्यापारियों का तर्क है कि दलील है कि बड़े मैरिज गार्डनों में आसानी से शारीरिक दूरी का पालन कराया जा सकेगा, इससे कोरोना का खतरा भी कम होगा। जबकि वर्तमान में वर-वधु कंमाइंड शादी कर रहे हैं, जिसके लिए वे घर में ही मेहमानों की भीड़ लगाते हैं। भलें 20 लोगों की वे मंजूरी लेते हैं, मगर छोटे से घर में ही 100 के करीब मेहमानों को वे रखते हैं, जिसके कारण संक्रमण का खतरा और भी अधिक है। जबकि मैरिज गार्डनों में लोग एक दूसरे से दूरी बनाकर रह सकेंगे।

 

-अभी ये 12 विवाह मुहूर्त हैं बाकी

जून-3 जून, 4 जून, 5 जून, 16 जून, 19 जून, 20 जून, 22 जून, 23 जून, 24 जून

जुलाई- 1 जुलाई, 2 जुलाई, 7 जुलाई, 13 जुलाई, 15 जुलाई, 20 जुलाई

-20 जुलाई से 15 नवंबर तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 20 जुलाई को आषाढ़ महीने के शुक्लपक्ष की देवशयनी एकादशी है। देवशयनी एकदाशी से मांगलिक कार्य नहीं होते। इसके बाद 15 नवंबर को देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

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